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गुलाटी ने पंजाब के अमृतसर में डॉ. भीम राव अम्बेडकर की मूर्ती पर हथौड़े मारने की घटना पर अपना जबरदस्त रोष प्रकट करते हुए भगवंत मान सरकार की बर्खास्तगी की मांग की।

नई दिल्ली: #पंजाब के अमृतसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति पर चढ़, हथौड़े मारने की घटना पर पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख अभिमन्यु गुलाटी ने जबरदस्त रोष प्रकट करते हुए इस घटना के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी #AAP की भगवंत मान सरकार को आड़े हाथों लिया है। गुलाटी ने आज अपने कार्यालय से प्रेस सहित सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि जिस दिन से पंजाब में केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी AAP की भगवंत मान सरकार सत्ता में आई है उसी दिन से पंजाब में राष्ट्र विरोधी शक्तियां बेलगाम हो गई हैं और पंजाब की भगवंत मान सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि #अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर की ओर जाने वाली हेरिटेज स्ट्रीट पर टाउन हॉल में दिनदहाड़े डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा को नुक़सान पहुंचाने की इस घटना के पीछे राष्ट्र विरोधी शक्तियों का हाथ है जो देश के अमन-चैन को भंग करना चाहते हैं। गुलाटी ने कहा कि अपने कार्यालय में कुर्सी के पीछे संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. #भीमराव_अम्बेडकर का चित्र लगाने वाले केजरीवाल में यदि तनिक भी नैतिकता बची है तो इस घट...
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नेता अपने पद का उपयोग जनहित में करें न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए - अभिमन्यु गुलाटी

पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख अभिमन्यु गुलाटी ने आज अपने कार्यालय से प्रेस सहित सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में आज की राजनीति और राजनीतिज्ञों के आचरण को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनैतिकता और स्वार्थपरता से बहुत निराश हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति आज एक समाज सेवा का माध्यम ना रहकर विशुद्ध व्यवसाय बन गई है।  आज लोग राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अच्छी दृष्टि से नहीं देखते। राजनीति आज एक ऐसा क्षेत्र है जहां व्यक्ति को अपनी आत्मा को बेचना पड़ता है और अपने मूल्यों को त्यागना पड़ता है। गुलाटी ने अपने बयान के माध्यम से तमाम राजनीतिक दलों और उनसे जुड़े नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पद का उपयोग जनहित में करें, न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए।   गुलाटी ने राजनीति में ईमानदारी और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि नेता अपने पद का उपयोग जनहित में करें और राजनीति को एक सकारात्मक दिशा में ले जाएं ।

" खून बेचने के लिए नहीं होता है"। केन्द्र सरकार के बल्ड बैंकों सहित अस्पतालों के लिए आए नये दिशा-निर्देशों का गुलाटी ने स्वागत किया।

नई दिल्लीः पीपुल्स राइट्स फ्रन्ट (P.R.F) के अध्यक्ष और देश की राजधानी दिल्ली में, रक्तदान के क्षेत्र में विगत् 30 वर्षों से सक्रिय, स्वयं 110 बार रक्तदान कर चुके, "अटल रक्तदान अभियान" के संयोजक अभिमन्यु गुलाटी  ने केन्द्र सरकार के औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा निजी एवं कुछ सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट ब्लड बैंकों द्वारा ब्लड देने के बदले, मरीजों के परिवारजनों से मोटी रकम वसूलने के ऊपर लगाम कसने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए अपनी चिन्ता भी व्यक्त की है। गुलाटी ने का कि केन्द्र सरकार के कल आए इस नए फैसले के बाद ब्लड बैंक या अस्पताल से खून लेने पर अब प्रोसेसिंग शुल्क के अलावा किसी भी तरह का कोई अन्य चार्ज नहीं लगेगा। जिसके चलते रक्त की जरूरत वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को कुछ राहत मिलेगी। गुलाटी ने कहा कि केन्द्र सरकार के औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कल यह स्पष्ट निर्देश जारी किया है और कहा है कि " खून बेचने के लिए नहीं होता है"।  उन्होंने कहा कि तमाम निजी अस्पताल एवं निजी बल्ड बैंक...

क्या यही थी, मदनलाल खुराना और शीला दीक्षित की दिल्ली ?

आज यदि मदनलाल खुराना जी या शीला दीक्षित जी, जीवित होते तो हमारी दिल्ली को यह दिन ना देखने पड़ते। खुराना जी तो दिल्ली को अपना मन्दिर और खुद को उसका पुजारी मानते थे और काम भी करते थे। दिल्ली के विकास और जरूरतों के लिए यह दोनों ही नेता तब भी केन्द्र से भिड़ जाया करते थे। चाहे सरकार किसी भी दल की क्यूं ना रही हो।  आज दिल्ली में जो भी विकास आपको दिखाई देता है। चाहे वो मेट्रो रेल हो, पुल हों, सड़कें हों और उनके नीचे अंडरपास या फिर CNG से चलने वाली पब्लिक ट्रॉंसपोर्ट या अन्य निजी वाहन। सब इन दोनों दिग्गज नेताओं की देन हैं। वर्तमान की दिल्ली की अत्यधिक बहुमत वाली केजरीवाल और केन्द्र की अत्यधिक बहुमत वाली मोदी सरकार की हठधर्मिता, और बदले सहित आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ने दिल्ली का बेड़ा-गर्क करके रख दिया है। आज कई बार ऐसा लगता है कि हम लोग देश की राजधानी दिल्ली में ना रहकर बिहार के किसी पिछड़े हुए जिले के निवासी हों। आज कोविड_19 कोरोना महामारी की दूसरी खतरनाक लहर के बीच में इन दोनों ही सरकारों के आपसी झगड़े और महामारी में भी नाम कमाने और अपनी छवि बनाने की होड़ ने दिल्ली को ऑक्सीजन के अभाव में श्म...

कोरोना को लेकर जिस तरह की लापरवाही देखी जा रही है वह गंभीर संकट को आमंत्रित करने वाली है: अभिमन्यु गुलाटी

अब कोई नहीं आएगा बचाने...अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी पड़ेगी। इसलिए हो जाएं सावधान। मित्रों,  महाशिवरात्रि पर गत दिवस हरिद्वार में कुम्भ का शुभारम्भ शाही स्नान के साथ शुरू हो गया है। इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की भीड़ हरिद्वार में उमड़ेगी।  कुम्भ मेला भारत के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है लेकिन ये आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में कोरोना की दूसरी लहर ने जोरदार दस्तक दे दी है। गत् दिवस 22 हजार से भी ज़्यादा नए मामले आये हैं जबकि स्वस्थ होकर अस्पतालों से लौटने वालों की संख्या काफ़ी कम है।  केरल, गुजरात और महाराष्ट्र से भी चिन्ताजनक खबरें बराबर आ रही हैं। पूरे देश से लोग कुम्भ में आयेंगे। वहीं असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के कारण कोरोना से बचाव के प्रति वैसे भी लोगों सहित नेताओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में लापरवाही देखी जा रही है।  'मास्क' और शारीरिक दूरी की सलाह की  पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है।  ...

"अटल रक्त अभियान" के पूरे हुए 26 वर्ष: अभिमन्यु गुलाटी

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री, युग पुरुष, भारत  रत्न, श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जन्म जयन्ती 25 दिसम्बर के अवसर पर, पीपुल्स राइट्स फ्रन्ट (P.R.F) के तत्वावधान में "अटल रक्त अभियान" 2020 का सफल आयोजन, देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के शाहदरा क्षेत्र स्थित डी०डी०ए० फलैट्स, मानसरोवर पार्क में किया गया।  COVID-19 कोरोना काल के बावजूद युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ लाइन में लगकर, घंटों अपनी बारी का इन्तज़ार करते हुए रक्तदान किया। इस सफल कार्यक्रम का आयोजन पीपुल्स राइट्स फ्रन्ट (P.R.F) के संस्थापक प्रमुख, अभिमन्यु गुलाटी ने किया। प्रेस सहित सोशल मीडिया एवं अपने ब्लॉग पर जारी एक बयान में  उन्होंने कहा कि वे विगत् 26 वर्षों से 'रक्तदान 'के क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्वयं भी रक्तदान का शतक बना, 102 बार रक्तदान कर चुके गुलाटी ने कहा कि कोविड-19 महामारी, कोरोना काल में आज देश की राजधानी दिल्ली सहित देश के तमाम सरकारी एवं निजी अस्पताल एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के ब्ल्ड बैंक स्वयं ख़ून की कमी का शिकार हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ख़ू...

"आज का बड़ा सवाल! क्या हम सच में आजाद हैं ?"

मित्रों, हर साल की तरह इसबार भी 15 अगस्त यानी "स्वतंत्रता दिवस" आ रहा है। 15 अगस्त यानीकि हमारी आजादी का दिन। इस दिन हमने अंग्रेज़ी हुकूमत की गुलामी से मुक्ति पा ली थी। 15 अगस्त सन् 1947 को अंग्रेजों से आजादी पाने के बाद से हर साल इस दिन को हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। स्कूल, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों तथा अन्य सभी जगहों पर आजादी का जोरदार जश्न मनाया जाता है। इस बार भी हम सब अपनी आजादी का 74.वां जश्न मनाने के लिए तैयार हैं।    लेकिन उसके पहले एक सवाल बार-बार मेरे मन में उठ रहा है कि क्या हम सच में आजाद हैं? क्या हम स्वतंत्रता का सही अर्थ समझ पाए हैं? ये तमाम प्रश्न न केवल हमारी आजादी पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं, बल्कि समाज के बौद्धिक वर्ग व आम जनता को आजादी के सही मायने खोजने के लिए भी प्रेरित करते हैं।     सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में ही सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।    दुष्यंत की ये पंक्तियां आजादी के 73,वर...