सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ " क्रिकेट कूटनीति " के नाम पर क्रिकेट खेलने का विरोध - गुलाटी ने कहा कि खेल हमेशा दोस्तों के बीच खेला जाता है न कि दुश्मनों के साथ !

नई दिल्ली : पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F.) के प्रमुख अभिमन्यु गुलाटी ने आज अपने ब्लॉग सहित प्रेस को जारी एक बयान में, दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ " क्रिकेट कूटनीति " के नाम पर इस साल के अंत में भारत सरकार के इशारे पर BCCI द्वारा क्रिकेट मैचों का आयोजन करने और पाकिस्तान के साथ भारत में क्रिकेट खेलने की घोषणा का जबरदस्त विरोध किया है , और इस मामले को गंभीरता से लेने के लिए शिवसेना का पुरजोर समर्थन किया है !
गुलाटी ने कहा कि खेल हमेशा दोस्तों के बीच खेला जाता है न कि दुश्मनों के साथ,उन्होंने कहा की वर्ष 1999 में जब श्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने भी पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का हाथ बड़ाया था परन्तु बदले में क्या मिला ? सारा देश जानता है पाकिस्तान ने हमारी पीठ में कारगिल का छुरा घोंपा, कारगिल को हम अभी भूले ही नही थे की पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देते हुए वर्ष 2001 में हमारे देश की सर्वोच्च संस्था लोकतंत्र के मंदिर भारत की संसद पर आतंकवादी हमला करवा दिया !
उन्होंने कहा की आतंकवाद के पोषक देश पाकिस्तान को अगर आतंकवादियों को तैयार करने की फैक्ट्री कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी इसी आतंकवाद की फैक्ट्री में तैयार हुए खतरनाक प्रोडक्ट कसाब ने मुंबई में अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर हमें 26/11 के जख्म दिए,और आज हमारी नपुंसक केंद्र की कांग्रेस शासित UPA सरकार पाकिस्तान के साथ वर्ष के अंत में क्रिकेट खेलने की बात कर रही है जिसे कोई भी राष्ट्रवादी संगठन या व्यक्ति कतई बर्दाश्त नही कर सकता !
गुलाटी ने कहा कि अगर पाकिस्तान क्रिकेट टीम को भारत में क्रिकेट मैच खेलने के लिए आमंत्रित किया गया तो उनका संगठन अन्य राष्ट्रवादी संगठनों के साथ मिलकर केंद्र सरकार सहित BCCI के उक्त कदम का पुरजोर विरोध करेगा चाहे इसके लिए किसी भी सीमा तक क्यूँ न जाना पड़े !

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे, TMC नेता ममता बनर्जी की मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम: अभिमन्यु गुलाटी

मित्रों , पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सुनामी और ममता बनर्जी की पार्टी TMC का सत्ता से बेदखल होना,  देश की बाकी अन्य सभी पार्टियों के लिए सबक है कि देश का बहुसंख्यक हिन्दू समाज अंधा नहीं है, यदि आप तुष्टीकरण की राजनीति करोगे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसका फ़ायदा उठायेगी ही उठायेगी। और उठाए भी क्यूं न ? कल बंगाल के मतदाताओं ने देश की तमाम बाकी राजनीतिक पार्टियों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि यदि जीतना है तो निष्पक्षता का ड्रामा करके एक पक्ष के प्रति ज़्यादा वफ़ादार होने से काम नहीं चलेगा, आपको बाकायदा पक्षपाती होकर देश के 80% बहुसंख्यक हिन्दू समाज के साथ खड़े होना ही पड़ेगा।  फिर यही 80% हिन्दू समाज, 20% का भी खयाल रखेगा, उन्हें किसी चीज़ की तकलीफ़ नहीं होने देगा।  लेकिन आप 20% को ही सब कुछ मानकर राजनीति करेंगे तो ये 80% आपको तकलीफ़ देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाएगा। कल के बंगाल चुनाव के नतीजे तो शायद इसी और इशारा करते हैं। "डेमोक्रेसी तो डेमोग्राफी से ही चलती है"! "बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन, भाजपा की प्रचंड जीत या TMC की हार की दृष्टि से न देखकर यह समझना होगा कि ...

कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा मूल्य वृद्धि पर गुलाटी ने केन्द्र की मोदी सरकार को असंवेदनशील करार दिया।

नई दिल्ली:  पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख, अभिमन्यु गुलाटी ने आज केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि की तीखी और कटु आलोचना की है। आज प्रेस सहित अपने ब्लाग पर जारी बयान में गुलाटी ने कहा कि फरवरी 2026 में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹ 1,740.50 हुआ करती थी। जो आज बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव निपट जाने के बाद 1 मई 2026 को बढ़कर ₹ 3,071.50 हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गैस के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि जोकि 76% है। इस बात का संकेत है कि उसकी इन कंपनियों के साथ सांठ-गांठ है और उसने तेल और गैस कंपनियों को आम आदमी को लूटने, उनकी जेब पर डाका डालने की की खुली छूट दे दी है।  गुलाटी ने कहा कि पहले से ही ज़बरदस्त महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की सरकार के इस कदम से कमर टूटना निश्चित है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने निश्चित रूप से वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है, लेकिन घरेलू स्तर पर इतनी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे व्यापारि...

भारत के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं इस्लामिक कट्टरपंथी...!

भारत में न तो इस्लाम और न ही उसको मानने वालों पर कोई खतरा है, लेकिन इस्लामिक कट्टरपंथी मुसलमान जरूर भीतर ही भीतर भारत के लिए एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। मैंने महसूस किया है कि भारत में कुछ  मुसलमान जो कि मज़हबी कट्टरता का लबादा ओढ़े हैं सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे, उनकी सहानुभुति भारत के साथ कम इस्लामिक राष्ट्रों के साथ कुछ ज़्यादा है। कहते हैं कि फिलिस्तीन ज़िन्दाबाद... ठीक है भाई, फिलिस्तिन जिन्दाबाद कोई बात नहीं.... खूब बोलो खूब हमदर्दी जताओ। लेकिन उन्हें भारत माता की जय बोलने और वन्दे मातरम् बोलने से चिड़ मचती है... छाती ठोक कर कहते हैं कि नहीं बोलेंगे.... और यदि आप उन्हें कहें कि भारत माता की जय नहीं बोलोगे तो किसी इस्लामिक देश की नागरिकता ले लो और वहां चले जाओ...; सीना ठोककर कहते हैं कि वहां भी नहीं जाएंगे। मतलब साफ है कि वो भीतर ही भीतर भारत के बहुसंख्यक हिन्दू समाज  के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं। उनके मंसूबे कुछ और ही बयान कर रहे हैं।  इस तरह के लोग अपने मादर-ए-वतन से प्रेम करने वाले अमनपसंद मुसलमानों के भी कट्टर दुश्मन हैं। जो मुसलमान अपने मादर-ए-वतन के प्रति प...