मित्रों, एक ज़माना ऐसा भी था जब भाजपा वाले यह कहते नहीं थकते थे कि "We are the party with a difference"! जब वर्ष 2014 के मई माह में, पूर्ण बहुमत की सरकार इनके हाथ लगी, उसके बाद से इनका भी "चाल-चरित्र और चेहरा" सबके सामने उजागर हो गया। इनके चेहरे से नकाब उतर गया। अब सवाल उठता है कि हम करें भी तो क्या करें ? शायद सत्ता का चरित्र ही कुछ ऐसा है! "Party with a difference" का नारा वाकई भाजपा की पहचान रहा है, लेकिन 2014 के बाद के सफर ने कई सवाल खड़े किए हैं। 1- आदर्श बनाम यथार्थ: विपक्ष में रहते हुए सिद्धांत और नैतिकता की बातें करना आसान होता है, लेकिन जब पूर्ण बहुमत की सत्ता हाथ में आती है, तो 'रियल पॉलिटिक्स' (Real Politics) यानी व्यावहारिक राजनीति हावी हो जाती है। 2- सत्ता का चरित्र: शायद सत्ता का स्वभाव ही ऐसा है कि वह अंततः चेहरों पर से नकाब हटा देती है। जब संसाधनों और नियंत्रण की ताकत मिलती है, तो पुरानी पार्टियों और नई पार्टियों के बीच का अंतर धुंधला होने लगता है। 3- जनता की दुविधा: "अब करें भी तो क्या करें?" —यह आज के ...
कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा मूल्य वृद्धि पर गुलाटी ने केन्द्र की मोदी सरकार को असंवेदनशील करार दिया।
नई दिल्ली: पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख, अभिमन्यु गुलाटी ने आज केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि की तीखी और कटु आलोचना की है। आज प्रेस सहित अपने ब्लाग पर जारी बयान में गुलाटी ने कहा कि फरवरी 2026 में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹ 1,740.50 हुआ करती थी। जो आज बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव निपट जाने के बाद 1 मई 2026 को बढ़कर ₹ 3,071.50 हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गैस के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि जोकि 76% है। इस बात का संकेत है कि उसकी इन कंपनियों के साथ सांठ-गांठ है और उसने तेल और गैस कंपनियों को आम आदमी को लूटने, उनकी जेब पर डाका डालने की की खुली छूट दे दी है। गुलाटी ने कहा कि पहले से ही ज़बरदस्त महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की सरकार के इस कदम से कमर टूटना निश्चित है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने निश्चित रूप से वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है, लेकिन घरेलू स्तर पर इतनी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे व्यापारि...