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संदेश

प्रधानमंत्री मोदी संकट को 'राष्ट्रहित' का चोला पहनाकर जनता के सामने पेश करने के माहिर खिलाड़ी हैं: अभिमन्यु गुलाटी

चुनावों से पूर्व सब चंगा सी....और चुनावों के बाद....? पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख अभिमन्यु गुलाटी ने कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खाड़ी युद्ध के हालातों के चलते एक साल सोना नहीं खरीदने एवं खाने के तेल सहित ईंधन की बचत करने की भावानात्मक अपील पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा चुनावों के दौरान 'लोकलुभावन' माहौल और 'सब चंगा सी' वाली छवि बनाई गई, लेकिन परिणाम आते ही उनके कड़वे फैसलों का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि काश सरकार और बीजेपी संगठन अपने अनाप-शनाप के खर्चों सहित चुनावों में जीत हासिल करने, विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त के लिए हज़ारों-हज़ार करोड़ रुपया खर्च करने से खुद को रोक लेती तो शायद बेहतर होता।  गुलाटी ने कहा कि यह कितना हास्यास्पद है कि पांच राज्यों के चुनाव और उसमें खर्च किए गए बेहिसाब धन सहित देश के तमाम संसाधनों की बर्बादी के बाद साहेब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को याद आया कि देश में तेल सहित विदेशी मुद्रा भंडार की कमी हो रही है। और वे मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते उपजे संकट से अवगत करवाने सहित देशवासियो...
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पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे, TMC नेता ममता बनर्जी की मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम: अभिमन्यु गुलाटी

मित्रों , पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सुनामी और ममता बनर्जी की पार्टी TMC का सत्ता से बेदखल होना,  देश की बाकी अन्य सभी पार्टियों के लिए सबक है कि देश का बहुसंख्यक हिन्दू समाज अंधा नहीं है, यदि आप तुष्टीकरण की राजनीति करोगे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसका फ़ायदा उठायेगी ही उठायेगी। और उठाए भी क्यूं न ? कल बंगाल के मतदाताओं ने देश की तमाम बाकी राजनीतिक पार्टियों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि यदि जीतना है तो निष्पक्षता का ड्रामा करके एक पक्ष के प्रति ज़्यादा वफ़ादार होने से काम नहीं चलेगा, आपको बाकायदा पक्षपाती होकर देश के 80% बहुसंख्यक हिन्दू समाज के साथ खड़े होना ही पड़ेगा।  फिर यही 80% हिन्दू समाज, 20% का भी खयाल रखेगा, उन्हें किसी चीज़ की तकलीफ़ नहीं होने देगा।  लेकिन आप 20% को ही सब कुछ मानकर राजनीति करेंगे तो ये 80% आपको तकलीफ़ देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाएगा। कल के बंगाल चुनाव के नतीजे तो शायद इसी और इशारा करते हैं। "डेमोक्रेसी तो डेमोग्राफी से ही चलती है"! "बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन, भाजपा की प्रचंड जीत या TMC की हार की दृष्टि से न देखकर यह समझना होगा कि ...

"We are the party with a difference" की बात करने वालों का "चाल-चरित्र और चेहरा" 2014 के बाद सबके सामने उजागर हो गया: अभिमन्यु गुलाटी

मित्रों, एक ज़माना ऐसा भी था जब भाजपा वाले यह कहते नहीं थकते थे कि "We are the party with a difference"! जब वर्ष 2014 के मई माह में, पूर्ण बहुमत की सरकार इनके हाथ लगी, उसके बाद से इनका भी "चाल-चरित्र और चेहरा" सबके सामने उजागर हो गया।  इनके चेहरे से नकाब उतर गया। अब सवाल उठता है कि हम करें भी तो क्या करें ? शायद सत्ता का चरित्र ही कुछ ऐसा है! "Party with a difference" का नारा वाकई भाजपा की पहचान रहा है, लेकिन 2014 के बाद के सफर ने कई सवाल खड़े किए हैं। 1- आदर्श बनाम यथार्थ:  विपक्ष में रहते हुए सिद्धांत और नैतिकता की बातें करना आसान होता है, लेकिन जब पूर्ण बहुमत की सत्ता हाथ में आती है, तो 'रियल पॉलिटिक्स' (Real Politics) यानी व्यावहारिक राजनीति हावी हो जाती है। 2- सत्ता का चरित्र:  शायद सत्ता का स्वभाव ही ऐसा है कि वह अंततः चेहरों पर से नकाब हटा देती है।  जब संसाधनों और नियंत्रण की ताकत मिलती है, तो पुरानी पार्टियों और नई पार्टियों के बीच का अंतर धुंधला होने लगता है। 3- जनता की दुविधा:  "अब करें भी तो क्या करें?" —यह आज के ...

कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा मूल्य वृद्धि पर गुलाटी ने केन्द्र की मोदी सरकार को असंवेदनशील करार दिया।

नई दिल्ली:  पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के प्रमुख, अभिमन्यु गुलाटी ने आज केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि की तीखी और कटु आलोचना की है। आज प्रेस सहित अपने ब्लाग पर जारी बयान में गुलाटी ने कहा कि फरवरी 2026 में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹ 1,740.50 हुआ करती थी। जो आज बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव निपट जाने के बाद 1 मई 2026 को बढ़कर ₹ 3,071.50 हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गैस के दामों में ₹ 993 की बेतहाशा वृद्धि जोकि 76% है। इस बात का संकेत है कि उसकी इन कंपनियों के साथ सांठ-गांठ है और उसने तेल और गैस कंपनियों को आम आदमी को लूटने, उनकी जेब पर डाका डालने की की खुली छूट दे दी है।  गुलाटी ने कहा कि पहले से ही ज़बरदस्त महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की सरकार के इस कदम से कमर टूटना निश्चित है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने निश्चित रूप से वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है, लेकिन घरेलू स्तर पर इतनी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे व्यापारि...

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मुंह और दिमाग में बवासीर का रोग हो गया है : अभिमन्यु गुलाटी

नई दिल्ली: पीपुल्स राइट्स फ्रंट (P.R.F) के संस्थापक अध्यक्ष, अभिमन्यु गुलाटी ने आज प्रेस सहित सोशल मीडिया एवं अपने ब्लाग पर जारी एक बयान में अमरीका के सिरफिरे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लगता है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुंह और दिमाग में बवासीर का रोग हो गया है। गुलाटी ने कहा कि उन्हें ट्रम्प को अमरीका के किसी अच्छे डॉक्टर से अपनी इस बीमारी का इलाज करवाना चाहिए। श्री गुलाटी का उपरोक्त तल्ख बयान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है जिसमें ट्रम्प ने 140 करोड़ भारतीयों का अपमान करते हुए भारत को नरक का गड्ढा कहा है। ट्रम्प यहां ही नहीं रुके, उन्होंने वर्षों से अमरीका में रह रहे भारतीयों जोकि वहां के IT क्षेत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं को "लेपटॉप वाले गुंडे" कहकर संबोधित किया। ट्रंप इतने पर ही नहीं रुका उसने कहा कि वहां रहने वाले भारतीय अमरीका में बच्चा पैदा कर उसके सहारे से अमरीकी नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं और फिर अपने पूरे खानदान को भी अमरीका बुला लेते हैं...

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते आए संकट से निपटने के लिए अपनी सरकार का मजबूती से सहयोग करें। अभिमन्यु गुलाटी

मित्रों, आज जैसे हालात हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा में माना है कि 'मध्य पूर्व में इज़रायल-अमरीका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में भारत के समक्ष भी 'अप्रत्याशित चुनौतियां' हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान संकट पर आज सोमवार देश की संसद को संबोधित करते हुए कोरोना काल का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि देश को तैयार रहने की ज़रूरत है। मित्रों, मेरा मानना है कि इस संकट से निपटने के लिए हमें अपने सभी वैचारिक मतभेद भुलाकर मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते आए संकट से निपटने, उससे जूझने के लिए अपनी सरकार का मजबूती से सहयोग करना चाहिए और जिस तरह से हमने कोरोना से जंग लड़ी थी, उसी तरह से इस संकट से भी जीतना है। मेरा मानना है कि केन्द्र सरकार को रसोई गैस सिलेंडर की कमी को दूर करने के लिए कोयला एवं लकड़ी जैसे वैकल्पिक इंधन का प्रयोग करने की इज़ाजत दे देनी चाहिए। साथ ही सड़कों पर अनावश्यक दौड़ रही प्राइवेट कारों (वाहनों) के चलन पर रोक लगाकर, इलैक्ट्रिक वाहनों, बसों सहित रेलगाड़ियों और मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को इस्तेमाल करने उसे प्रोत्साहन देने का सख्त आदेश जारी कर...

युद्ध से पैदा हो रहे ऊर्जा संकट से बचने के लिए सरकारें अपने बेफिज़ूल के खर्चों, इंधन के प्रयोग पर लगाम लगाएं। अभिमन्यु गुलाटी

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध  से पैदा हो रहे संकट से बचने का एक उपाय यह भी है कि सरकार, चाहे वो केन्द्र की हो या फिर राज्यों की, अपने बेफिज़ूल के खर्चों, इंधन के प्रयोग पर लगाम लगाए। साथ ही पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को संसद में अध्यादेश लाकर स्थगित करे। और फिलहाल जो सरकारें राज्यों में काम कर रहीं हैं उनका कार्यकाल, स्थिति सामान्य होने तक बढ़ा दिया जाए।