मित्रों , पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सुनामी और ममता बनर्जी की पार्टी TMC का सत्ता से बेदखल होना, देश की बाकी अन्य सभी पार्टियों के लिए सबक है कि देश का बहुसंख्यक हिन्दू समाज अंधा नहीं है, यदि आप तुष्टीकरण की राजनीति करोगे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसका फ़ायदा उठायेगी ही उठायेगी। और उठाए भी क्यूं न ? कल बंगाल के मतदाताओं ने देश की तमाम बाकी राजनीतिक पार्टियों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि यदि जीतना है तो निष्पक्षता का ड्रामा करके एक पक्ष के प्रति ज़्यादा वफ़ादार होने से काम नहीं चलेगा, आपको बाकायदा पक्षपाती होकर देश के 80% बहुसंख्यक हिन्दू समाज के साथ खड़े होना ही पड़ेगा। फिर यही 80% हिन्दू समाज, 20% का भी खयाल रखेगा, उन्हें किसी चीज़ की तकलीफ़ नहीं होने देगा। लेकिन आप 20% को ही सब कुछ मानकर राजनीति करेंगे तो ये 80% आपको तकलीफ़ देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाएगा। कल के बंगाल चुनाव के नतीजे तो शायद इसी और इशारा करते हैं। "डेमोक्रेसी तो डेमोग्राफी से ही चलती है"! "बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन, भाजपा की प्रचंड जीत या TMC की हार की दृष्टि से न देखकर यह समझना होगा कि ...
"We are the party with a difference" की बात करने वालों का "चाल-चरित्र और चेहरा" 2014 के बाद सबके सामने उजागर हो गया: अभिमन्यु गुलाटी
मित्रों, एक ज़माना ऐसा भी था जब भाजपा वाले यह कहते नहीं थकते थे कि "We are the party with a difference"! जब वर्ष 2014 के मई माह में, पूर्ण बहुमत की सरकार इनके हाथ लगी, उसके बाद से इनका भी "चाल-चरित्र और चेहरा" सबके सामने उजागर हो गया। इनके चेहरे से नकाब उतर गया। अब सवाल उठता है कि हम करें भी तो क्या करें ? शायद सत्ता का चरित्र ही कुछ ऐसा है! "Party with a difference" का नारा वाकई भाजपा की पहचान रहा है, लेकिन 2014 के बाद के सफर ने कई सवाल खड़े किए हैं। 1- आदर्श बनाम यथार्थ: विपक्ष में रहते हुए सिद्धांत और नैतिकता की बातें करना आसान होता है, लेकिन जब पूर्ण बहुमत की सत्ता हाथ में आती है, तो 'रियल पॉलिटिक्स' (Real Politics) यानी व्यावहारिक राजनीति हावी हो जाती है। 2- सत्ता का चरित्र: शायद सत्ता का स्वभाव ही ऐसा है कि वह अंततः चेहरों पर से नकाब हटा देती है। जब संसाधनों और नियंत्रण की ताकत मिलती है, तो पुरानी पार्टियों और नई पार्टियों के बीच का अंतर धुंधला होने लगता है। 3- जनता की दुविधा: "अब करें भी तो क्या करें?" —यह आज के ...